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dard bhari shayari

dard bhari shayari
Written by legend.robert

dard bhari shayari

 आजकल दर्द तो ऐसा हो गया है जैसे किसी जमाने में मिठाई बटा करती थी । तो आप भी किसी वजह से दुखी हैं एक और आप भी कुछ दुख भरी शायरी पढ़ना चाहते हैं तो आप इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें इस आर्टिकल में हमने आपको नई नई शायरी प्रोवाइड करवाएं है और बाकी आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों में भी शेयर कर सकते हैं ।

बाज़ लोग ज़िन्दगी में बहुत देर से मिलते है

इतनी देर से के हम चाहे भी तो इन्हे 

अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा नहीं बना सकते

Baaz log zindagi me bohat dair se milte

Hain, itni dair se ke hum chahen bhi to inhen

Apni zindagi ka hisa nahi bna sakte

ये अहले इश्क़ अजीब नफसियत रखते है

के दर्द सिर मै है और दिल पे हाथ रखते है

Ye Ahl-e- Ishq Ajeeb nafsiyat rkhty hai

Kay dard sir mai hai aur dil pay hath rkhty hai

तू अगर इश्क़ मै बर्बाद नहीं हूं सकता

जा तुझे कोई सबक याद नहीं हो सकता

Tu agr ishq mai barbaad nahi huksta

Jaa tjhe koi sabaq yaad nahi huskta .

नहीं है हमारा हाल कुछ तुम्हारे हाल से अलग बस फर्क इतना है 

तुम याद करती हो हम भूल नहीं पाते

Nahi ha humara haal Kch tmhary haal say alg

Bus frq itna hai

Tum yaad krty hu hum bhool nahi paaty.

करके वादा मुकर गया आखिर

तू भी दिल से उतर गया आखिर

Karke wada mukar gaya akhir

Tu bhi dil se utar gaya akhir

फकत मेरे दिल से उतर जायेगा

बिछड़ना मुबारक बिछड़ जाइएगा

Faqat mere dil se utar jaiga

Bicharna Mubarak bichar jaiyega.

सिर्फ क़ासिद मिला नजर से नज़र

में समझ जाओ गा खबर क्या है

Sirf qasid mila nazar se nazar

Me samajh jaon ga khabar kya hai

लब ओ लहजे फकत रसीले है

मन के खोते अजब ज़हरीले है

Lab o lehje faqat raseele hain

Man ke khoote ajab zehreele hain

इन्हे भी पढ़े 

कोई कितना ही खुश मिजाज क्यों ना हो

रुला देती है किसी कि कमी कभी कभी

Koi kitna hi khush mizaaj kyu na hu

Rula deti hai kisi ki kami kbhi kbhi

उस की बारात पीकी पर है मुर्शद 

सारा गांव मेरे गम में शरीक था

Is ki barat peeki par gai murshad

Sara gaon mere ghum me shareek tha

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