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सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य

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Written by legend.robert

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य | सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से चमत्कारी लाभ / फायदे – आपने सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का नाम तो सुना ही होगा. इस स्तोत्र को करने से मनुष्य को चमत्कारिक लाभ मिलते हैं. तथा हर कष्ट से मुक्ति मिलती हैं. इस स्तोत्र को परम कल्याणकारी माना गया हैं. कुंजिका का मतलब चाबी होता है. अर्थात सिद्ध कुंजिका स्तोत्र सभी मंत्रो का रहस्य हैं. जो की अपने आप में सिद्ध माना जाता हैं.

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य बताने वाले हैं. इसके अलावा सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से होने वाले चमत्कारी लाभ और प्रयोग विधि भी बताने वाले हैं.

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तो आइये इस बारे में हम आपको विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करते हैं.

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य

यह स्तोत्र अपने आप में सिद्ध माना जाता हैं. इसके गुप्त रहस्य ही इस मंत्र की महिमा को स्पष्ट करते हैं. सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य हमने नीचे दिए हैं.

  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र रुद्रयामल तंत्र से निकला हुआ स्तोत्र हैं.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र भगवान शिव ने पार्वती माता को गुप्त तरीके से बताया था.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के बिना दुर्गा सप्तशती पाठ करना निष्फल माना जाता हैं.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र करने से दुर्गा सप्तशती पाठ करने का सम्पूर्ण लाभ मिलता हैं.
  • भगवान शिव ने पार्वती माता को यह स्तोत्र देने से पहले कहा था की यह स्तोत्र किसी अभक्त को नहीं देना हैं.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र प्रतिदिन करने से सभी प्रकार के मंत्र सिद्ध हो जाते हैं.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं.
  • मेघनाद ने लक्ष्मण के सामने विजय प्राप्त करने के लिए इस स्तोत्र का गुप्तपाठ किया था.

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सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के यह कुछ गुप्त रहस्य हैं. यह स्तोत्र भगवान शिव के द्वारा दिया गया हैं. इसका प्रयोग करने से मनुष्य की सभी कष्टों का निवारण होता हैं. अब हम आपको सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के चमत्कारी लाभ तथा प्रयोग विधि बताएगे.

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सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से चमत्कारी लाभ / फायदे

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से निम्नलिखित लाभ मिलते है:

  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से सभी मंत्र सिद्ध हो जाते हैं.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र विभिन्न प्रकार की साधना में भी प्रभावशाली है.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से सभी प्रकार की समस्या का निवारण होता हैं. और मनुष्य के कष्ट दूर होते हैं.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से सम्पूर्ण चंडी पाठ का फल मिलता हैं.
  • सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने से कीलक, ध्यान, अर्चन, न्यास, सूक्त आदि का लाभ मिलता हैं.

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सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ विधि और प्रयोग

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ ऐसे ही नहीं किया जाता हैं. इस स्तोत्र को विधि-विधान पूर्वक करने से ही इसका शुभ फल मिलता हैं. सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ करने की सम्पूर्ण विधि हमने मंत्र सहित नीचे दी हैं.

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  • सबसे पहले प्रात:काल शौच स्नान आदि करके निवृत हो जाए.
  • आप इस पाठ को नवरात्री या किसी शुभ दिन पर कर सकते हैं. जिस दिन पाठ करे उस दिन माँ दुर्गा की प्रतिमा के आगे घी का दीपक जलाए.
  • अब माँ दुर्गा को धुप आदि जलाए और उनका श्रृंगार करे. अब माँ दुर्गा को प्रसाद का भोग लगाए.
  • माँ दुर्गा को पुष्प अर्पित करे तथा उनसे प्रार्थना करे. उसके पश्चात आसन बिछाकर उनका ध्यान करे.
  • यह सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करे.
  • प्रार्थना करने के दौरान आपको एक मंत्र जाप करना है. जो हमने नीचे दिया हैं.

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सिद्ध कुंजिका मंत्र

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम:

नम: प्रकृत्यै भदायै नियता: प्रणता: स्मताम्

रौदायै नमो नित्यायै गौयैर् धात्रयै नमो नम:

ज्योत्स्नायै चेन्दुरूपिण्यै सुखायै सततं नमो नम:

कल्याण्यै प्रणतां वृद्धयै सिद्धयै कुमोर् नमो नम:

नैऋर्त्यै भूभृतां लक्ष्म्यै शर्वाण्यै ते नमो नम:

दुर्गार्य दुर्गपारार्य सारार्य सर्वकारिण्यै

ख्यात्यै तथैव कृष्णायै धूम्रार्य सततं नम:

अतिसौम्यातिरौदार्य नतास्तस्यै नमो नम:

नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै कृत्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्याभिधीयते।

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु निदारूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषुच्छायारूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता :

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के कितने पाठ करने चाहिए

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का नियमित रूप से एक बार पाठ करना चाहिए. अगर आपकी विशेष इच्छा है तो 9 या 108 बार भी पाठ किया जा सकता हैं.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य आपको बताए हैं. इसके अलावा सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ विधि और प्रयोग विधि मंत्र सहित बताई हैं.

अगर आप भी सभी कष्टों से मुक्त होना चाहते है. तो सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ जरुर करे. इससे माँ दुर्गा के आशीर्वाद आप पर हमेशा बने रहेगे. और सभी कष्टों तथा समस्या से निवारण मिलेगा.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य / सिद्ध कुंजिका स्तोत्र से चमत्कारी लाभ / फायदे आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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